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Navratri 2025: 9 Durga Mata Names, Mantras, Colors, Bhog & Puja Vidhi | नवरात्रि 2025 की सम्पूर्ण जानकारी

नवरात्रि 2025: तिथियाँ, 9 देवियाँ, रंग, व्रत नियम, भोग और दशहरा

🌺 नवरात्रि 2025 — तिथियाँ, नौ देवियाँ, रंग, व्रत नियम, भोग और दशहरा

नवरात्रि माँ दुर्गा की आराधना का महान पर्व है। यह 9 दिनों तक चलता है जिसमें देवी माँ के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। 2025 की नवरात्रि में प्रतिदिन किस देवी की पूजा, किस रंग का महत्व, व्रत नियम और श्रेष्ठ मंत्र क्या है — इसकी संपूर्ण जानकारी यहाँ दी गई है।

📅 नवरात्रि 2025 की तिथियाँ

नवरात्रि की शुरुआत 22 सितम्बर 2025 से होगी और इसका समापन 1 अक्टूबर 2025 को होगा।

🌸 नवरात्रि 2025 – नौ दिन की तालिका

दिन देवी का नाम रंग महत्व
दिन 1माता शैलपुत्रीलालस्थिरता और शक्ति
दिन 2माता ब्रह्मचारिणीसफेदज्ञान और वैराग्य
दिन 3माता चंद्रघंटापीलासाहस और शौर्य
दिन 4माता कूष्मांडाहरास्वास्थ्य और ऐश्वर्य
दिन 5माता स्कंदमातानारंगीसंतान सुख और शांति
दिन 6माता कात्यायनीनीलाबल और विजय
दिन 7माता कालरात्रिकालापाप और भय का नाश
दिन 8माता महागौरीगुलाबीशांति और समृद्धि
दिन 9माता सिद्धिदात्रीबैंगनीसभी सिद्धियों की प्राप्ति

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दिन 1 — माता शैलपुत्री (रंग: लाल)

माता शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। इनकी पूजा से जीवन में स्थिरता और शक्ति मिलती है।

मंत्र (संस्कृत):
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

हिंदी अर्थ: जो अपने मस्तक पर चंद्रमा धारण करती हैं, वृषभ पर सवार हैं, त्रिशूलधारी हैं — उन माता शैलपुत्री को मैं प्रणाम करता हूँ।

दिन 2 — माता ब्रह्मचारिणी (रंग: सफेद)

माता ब्रह्मचारिणी तप और संयम की प्रतिमूर्ति हैं। इनकी उपासना से ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति होती है।

मंत्र:
दधाना करपद्माभ्यां जपमाला कमण्डलु।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

हिंदी अर्थ: हाथ में जपमाला और कमंडल धारण करने वाली ब्रह्मचारिणी देवी हम पर प्रसन्न हों।

दिन 3 — माता चंद्रघंटा (रंग: पीला)

माता चंद्रघंटा साहस और शौर्य की प्रतीक हैं। इनके माथे पर अर्धचंद्र है और इनकी आराधना से भय और संकट दूर होते हैं।

मंत्र:
पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

हिंदी अर्थ: चंद्र के समान तेजस्विनी माता चंद्रघंटा हम पर कृपा करें।

दिन 4 — माता कूष्मांडा (रंग: हरा)

माता कूष्मांडा ब्रह्मांड की स्रष्टा मानी जाती हैं। इनके पूजन से स्वास्थ्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

मंत्र:
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्मांडा शुभदास्तु मे॥

हिंदी अर्थ: कलश धारण करने वाली माँ कूष्मांडा हम सबको शुभ और सुख प्रदान करें।

दिन 5 — माता स्कंदमाता (रंग: नारंगी)

माता स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं। इनकी पूजा से संतान सुख और घर में शांति आती है।

मंत्र:
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥

हिंदी अर्थ: सिंहासन पर बैठी और कमल धारण करने वाली माँ स्कंदमाता हमें सुख और यश प्रदान करें।

दिन 6 — माता कात्यायनी (रंग: नीला)

माता कात्यायनी बल और विजय की देवी हैं। विवाह योग्य कन्याएँ इनके पूजन से शीघ्र वर प्राप्त करती हैं।

मंत्र:
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्यान्मह्यं स्कन्दमाता॥

हिंदी अर्थ: माँ कात्यायनी अपने तेज और कृपा से हमें कल्याण दें।

दिन 7 — माता कालरात्रि (रंग: काला)

माता कालरात्रि सभी पापों और नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं।

मंत्र:
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥

हिंदी अर्थ: माता कालरात्रि का स्मरण करने से भय समाप्त होता है।

दिन 8 — माता महागौरी (रंग: गुलाबी)

माता महागौरी अत्यंत शांत और करुणामयी हैं। इनके पूजन से घर में समृद्धि आती है।

मंत्र:
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥

हिंदी अर्थ: श्वेत वस्त्रधारी माँ महागौरी हमें पवित्रता और आनंद प्रदान करें।

दिन 9 — माता सिद्धिदात्री (रंग: बैंगनी)

माता सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियाँ प्रदान करती हैं।

मंत्र:
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेवा‍मानां सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

हिंदी अर्थ: जो देवताओं और असुरों द्वारा पूजित हैं — वह माँ सिद्धिदात्री हमें सिद्धियाँ प्रदान करें।

🙏 नवरात्रि व्रत नियम

  • सात्विक आहार ही ग्रहण करें।
  • लहसुन, प्याज और मांसाहार का सेवन न करें।
  • फलाहार, साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े का आटा प्रयोग करें।
  • पूरे नौ दिन या पहले व आखिरी दिन उपवास रखें।
  • माँ दुर्गा के मंत्रों का जप और आरती करें।

🍛 नवरात्रि भोग (प्रसाद सूची)

  • दिन 1 — घी
  • दिन 2 — मिश्री
  • दिन 3 — दूध
  • दिन 4 — मालपुआ
  • दिन 5 — केले
  • दिन 6 — शहद
  • दिन 7 — गुड़
  • दिन 8 — नारियल
  • दिन 9 — हलवा, पूरी और चना

🎉 दशहरा का महत्व

दशहरा जिसे विजयादशमी कहते हैं, नवरात्रि के समापन के बाद मनाया जाता है। यह असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। भारत भर में रावण दहन, मेले और पूजा का आयोजन किया जाता है।

📅 Last Updated:
Dev Chaudhary

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